सरकार देगी 3000 रु पेंशन प्रतिमाह।18 से 40 की उम्र वाले लोगो को
ऐसे ले सकते हैं सरकार की 3,000 रुपये मासिक पेंशन योजना का फायदा, जानिए क्या हैं नियम और शर्तें
PMSYM: जानिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PMSYM) योजना से जुड़ने की क्या है पात्रता और शर्तें
श्रम मंत्रालय ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के 40 वर्ष तक की आयु के कामगार 15 फरवरी से ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PMSYM) योजना से जुड़ सकते हैं। श्रम मंत्रालय ने अधिसूचना जारी करके यह जानकारी दी है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019-20 में इस योजना की घोषणा की है। योजना का उद्देश्य 15,000 रुपये तक की मासिक आय वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पेंशन उपलब्ध कराना है।
यह योजना रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार और इसी प्रकार के अनेक अन्य कार्यों में लगे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को कवर करेगी।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) के तहत योजना का लाभ उठाने की पात्रता और शर्तें
- श्रम मंत्रालय द्वारा अधिसूचना के मुताबिक, यह योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों पर लागू होगी. इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक इत्यादि शामिल हैं.
- इस मेगा पेंशन स्कीम से जुड़ने के लिए असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी की आय 15,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. एलिजिबल व्यक्ति का सेविंग बैंक अकाउंट और आधार नंबर होना चाहिए.
- वर्कर की उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- पहले से ही केंद्र सरकार की सहायता वाली किसी अन्य पेंशन स्कीम का सदस्य होने पर वर्कर मानधन योजना के लिए पात्र नहीं होगा.
- अपने हिस्से का योगदान करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाए का भुगतान करके अपने योगदान को नियमित करने की अनुमति होगी. यह ब्याज सरकार तय करेगी.
- यदि सब्सक्राइबर जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से निकलने का इच्छुक है तो केवल उसके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याज दर पर उसे लौटाया जाएगा.
- यदि सब्सक्राइबर स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकलता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए वास्तविक ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा.
- किसी कारण से यदि सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है तो उसके जीवनसाथी के पास स्कीम को चलाने का विकल्प होगा. इसके लिए उसे नियमित योगदान करना होगा.
- सब्सक्राइबर और उसके जीवनसाथी की मौत हो जाने की दशा में रकम को वापस फंड में क्रेडिट कर दिया जाएगा.
- यदि सब्सक्राइबर 60 साल की उम्र से पहले अस्थायी रूप से विकलांग हो जाता है और स्कीम में योगदान करने में समर्थ है तो उसके पास स्कीम के वास्तविक ब्याज के साथ अपने हिस्से का योगदान लेकर स्कीम से निकलने का विकल्प होगा.
- उन वर्षों के दौरान जब सब्सक्राइबर को पेंशन मिलेगी, तब जीवनसाथी को उसमें से 50 फीसदी लेने का हक होगा. सब्सक्राइबर की मौत के बाद बच्चों को पेंशन बेनिफिट लेने का हक नहीं होगा.
- स्कीम में 3,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन का प्रावधान है. यह पेंशन सब्सक्राइबर को 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी.
स्कीम का ब्यौरा उसकी पात्रता और नाम दर्ज कराने का तरीका, सुविधा केन्द्र का स्थान/सीएससी स्थान एलआईसी की वेबसाइट और श्रम मंत्रालय की
वेबसाइट पर मिलेंगे। स्कीम का फायदा उठाने
वाले जिला श्रम कार्यालयों, एलआईसी
कार्यालयों, केन्द्रीय श्रम कार्यालयों, ईपीएफ
और ईएसआईसी कार्यालयों के सुविधा डेस्क पर
फायदा उठाने की शर्तें-
·
असंगठित कामगार हो
·
जिनकी उम्र 18 और 40 वर्ष के बीच हो
·
महीने
की आमदनी 15000 रुपये या उससे कम हो
वह-
·
ईपीएफ/एनपीएस/ईएसआईसी का सदस्य न हो
·
इनकम टैक्स न देता/देती हो
उसके पास-
1.
आधार कार्ड हो
2.
आईएफएससी के साथ बचत बैंक खाता/जनधन खाता हो
नाम दर्ज कराने का तरीका
1.
इच्छुक व्यक्ति नजदीकी सीएससी सेन्टर पर जाएं। सीएससी सेन्टर के स्थान का
पता एलआईसी, श्रम मंत्रालय तथा सीएससी के
वेबसाइट पर सूचना पृष्ठ से लगाया जा सकता है।
2.
नाम दर्ज कराने के लिए सीएससी जाते समय, उसे
अपने साथ ये चीजें ले जानी होंगी:
क.
आधार कार्ड
ख. आईएफएससी कोड के साथ बचत/जनधन बैंक खाते का ब्यौरा (बैंक खाते की गवाही
के लिए बैंक पासबुक या चैक पन्ना/बुक या बैंक स्टेटमेंट की कॉपी)
ग. स्कीम के तहत नाम दर्ज कराने के लिए शुरूआती
अंशदान की राशि
3. सीएससी में मौजूद गांव स्तर का उद्यमी (वीएलई)
आधार नम्बर, आधार कार्ड पर छपा अंशदाता का नाम और
आधार कार्ड में दी गई जन्म की तारीख डालेगा और उसकी जांच यूआईडीएआई डाटाबेस
से की जाएगी।
4. बैंक
खाते का ब्यौरा, मोबाइल नम्बर, यदि हो तो, ई-मेल आईडी, पति-पत्नी
तथा नामिति
जैसे और ब्यौरे लिए जाएंगे।
नाम दर्ज कराने का तरीका जारी.....
5.
फायदा उठाने वाली शर्तों का स्वयं सार्टिफिकेट देना होगा।
6.
सिस्टम अंशदाता की उम्र के हिसाब
से दिए जाने वाले माह-वार अंशदान की गणना करेगा।
7.
अंशदाता पहले अंशदान की रकम भी वीएलई को नकद में देगा जो अंशदाता को दी
जाने वाली रसीद तैयार करेगा।
8. नाम
दर्ज कराने का फर्म और ऑटो-डेबिट
मैंडेट भी छापा जाएगा जिस पर अंशदाता साइन
करेगा। तब वीएलई साइन किए गए नाम दर्ज
एवं ऑटो
डेबिट मैंडेट को स्केन करेगा और सिस्टम में अपलोड करेगा।
9.
उसी समय, विशिष्ट श्रम योगी पेंशन खाता नम्बर तैयार होगा और सीएससी में श्रम योगी कार्ड छप जाएगा।
10. यह तरीका पूरा होने के साथ ही, अंशदाता के
पास श्रम योगी कार्ड और अपने रिकार्ड
के लिए नाम दर्ज कराने वाले फॉर्म की दस्तखत की हुई कॉपी
होगी।
11. उसे ऑटो डेबिट चालू हो जाने पर
हमेशा एसएमएस और श्रम योगी पेंशन खाते का ब्यौरा भी मिलता रहेगा।


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